इस पुस्तक के अंदर कई कविताएँ सगठित हैं। जो मन के भावो को प्रज्वलित करती है। इस पुस्तक में मन के भावो को एकत्रित किया गया है। इस किताब में कई शायरियों का भी समापन किया गया है। जिसके पढ़ने से काफी आनंदित महसूस होता है।
रौनक कारण जो की अभी १४ वर्ष के है। इन्होने अपंने मन के भाव को समावेश करते हुए, इस किताब को लिखा है। उन्हें लिखना बहुत पसंद है। और काफी वक़्त से लिखते आ रहे है। इस वर्ष वे अपनी दसवीं की शिक्षा पूरी की है। वे बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले है। उन्होंने ब्लॉग्गिंग करते हुए अपने २ वर्ष पुरे किये है। उनके वेबसाइट पर उनकी कविताए आती रहती है।