हम सबके अंदर ऐसे कई जज़्बात होते हैं जो हम कभी बयान नहीं कर पाते। किसी से इश्क़ या किसी का बिछड़ना, खुद से हारना , दोस्तों का अलग होना या चाहे परिवार से सब ना कह पाना, कई जज़्बात कभी जुबां पर नहीं आते। इस किताब के ज़रिये लेखक ने हर गम और ख़ुशी के जज़्बात को कलम का सहारा दिया है और ये उम्मीद की है कि वो अकेला नहीं है जो इन जज़्बातों को महसूस करता है ।