एल्युमीनियम, इस्पात और चीनी — ये तीन उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। रसोई की एल्युमीनियम पन्नी से लेकर शहर के पुलों की इस्पात तक, और सुबह की चाय की चीनी से लेकर देश के एथनॉल ईंधन तक। इन उद्योगों का असर हर भारतीय के जीवन पर पड़ता है।
यह पुस्तक इन तीनों उद्योगों को सरल और स्पष्ट भाषा में समझाती है, कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक।
इस पुस्तक में आप जानेंगे:
• एल्युमीनियम कैसे बनता है — बॉक्साइट खनन से लेकर बायर प्रक्रिया और हॉल-हेरोल्ट विद्युत-अपघटन तक
• इस्पात निर्माण की प्रक्रियाएँ — ब्लास्ट फर्नेस, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस, स्टेनलेस स्टील और ताप उपचार
• गन्ने से चीनी कैसे बनती है — मिलिंग, स्पष्टीकरण, वाष्पीकरण और क्रिस्टलीकरण की प्रक्रिया
• भारत में बॉक्साइट, लौह अयस्क और गन्ना उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र — ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र
• भारत की प्रमुख कंपनियाँ — NALCO, हिंडाल्को, वेदांता, SAIL, टाटा स्टील, JSW स्टील और बलरामपुर चीनी मिल्स
• सरकारी नीतियाँ — राष्ट्रीय इस्पात नीति, एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम (E20) और उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) व्यवस्था
• भविष्य की संभावनाएँ — हरित एल्युमीनियम, हाइड्रोजन-आधारित इस्पात और भारत का बायोफ्यूल नेतृत्व
यह पुस्तक उन सभी के लिए उपयोगी है जो भूगोल, अर्थशास्त्र या इंजीनियरिंग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं; जो पेशेवर इन उद्योगों का संक्षिप्त परिचय चाहते हैं; और जो सामान्य पाठक जानना चाहते हैं कि औद्योगिक भारत कैसे काम करता है।
भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक, चौथा सबसे बड़ा एल्युमीनियम उत्पादक, और दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है। यह पुस्तक उस औद्योगिक शक्ति की कहानी बताती है।
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