जहां से गया था और ट्रेन का इंतजार करने लगा। घंटे ही बीते थे कि ट्रेन आ गई। चारों तरफ कोहरा था, इसलिए गाड़ियां लेट चल रही थी। राजा बाबू सीट नंबर 13 पर बैठा था। हालांकि इसका कोई मतलब नहीं था क्योंकि यह एक जनरल डिब्बा था सवारी गाड़ी का। यहां एकाध बार ही टी. टी. आता।