एक हज़ारों में मेरी बहना है
बहन के रिश्ते को सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है।कोई बहन-बहन या फिर भाई-बहन जो कि बचपन से साथ पले बढ़े हों उनके प्रेम की गहराई और सीमा तो अनंत होती है। मां बाप के बाद इस अंजान दुनिया में कोई अपना होता है तो वो अपने बहन भाई ही होते हैं जो कि हमारे हर सुख दुख को अपना मान हमेशा हमारा साथ निभाते हैं। इस संग्रह में कुल ३५ लेखकों ने अपने रचना को पेश किया है और हर किसी ने अपने बहन के प्रति दिल में उमड़ते भावनाओं को स्याही की मदद से हम तक पहुंचाया है। हां पर सभी रचनाओं में भले शब्दों का उलट फेर किया गया हो पर भावनाओं में कोई अंतर नज़र नहीं आया।
"एक हज़ारों में मेरी बहना है" एक ऐसी किताब है जिसे पढ़ने के बाद भावुकता खुद उत्पन्न होगी और सोचने वाली बात तो यह है कि कई रचनाकारों ने खुद को इस भाई बहन के प्रेम से वंचित कर भी रचना को पेश किया है। ज़िंदगी में कुछ रिश्तों के मायने कभी नहीं बदलते और उनमें से एक सबसे प्यारा और अनोखा रिश्ता है भाई बहन का, तो आप सभी इस प्यारी सी किताब को पढ़ें और इस अनोखे रिश्ते की खूबसूरती का अनुभव करें।