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Hakalane Walon Ki Udaan: Safalta Ki Sacchi Kahaniyan / हकलाने वालों की उड़ान: सफलता की सच्ची कहानियाँ

Author Name: V. Manimaran, J. Agnee Raj | Format: Hardcover | Genre : Self-Help | Other Details

विश्व की लगभग 1% आबादी हकलाने से ग्रस्त मानी जाती है। इनमें से कई लोग अपने हकलाने को जीवन में प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण बाधा मानते हैं।

वे साक्षात्कार में शामिल होने से हिचकिचाते हैं। वे बेवजह काम पर जाने से डरते हैं और अपनी पढ़ाई को भी टालते रहते हैं। कुछ लोग सरकारी या बैंक की नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी में सालों बिताते हैं, जिससे उनका कीमती समय बर्बाद होता है।

उनका मानना है कि अगर उन्हें हकलाने की समस्या न होती, तो वे अब तक जीवन में बहुत ऊंचाइयों पर पहुंच चुके होते।

लेकिन क्या ये सच है?

क्या आप जवाब जानने के लिए उत्सुक हैं?

अगर ऐसा है तो यह किताब आपके लिए है!

इस पुस्तक में, हकलाने वाले 40 व्यक्ति अपनी प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को अपने शब्दों में साझा करते हैं।

यह पुस्तक निस्संदेह हकलाने वाले हर व्यक्ति के लिए एक मार्गदर्शक और प्रेरणा का काम करेगी।

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वी. मणिमारन, जे. अग्निराज

तमिलनाडु सरकार के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता वी. मणिमारन ने अंग्रेजी और तमिल में "ह-ह-हकलाहट" नामक पुस्तक लिखी और प्रकाशित की है, जिसका हिंदी और मलयालम में अनुवाद भी हो चुका है। अब तक उन्होंने 1,000 से अधिक हकलाने 

वाले लोगों की नि:शुल्क सहायता की है।

जे. अग्निराज मदुरै में बिजली के पुर्जे बेचते हैं। हकलाने की समस्या से पूरी तरह ठीक होने के बाद, उन्होंने मणिमारन के साथ मिलकर हकलाने से पीड़ित समुदाय की नि:शुल्क सेवा की।

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