सरिता तिवारी द्वारा लिखित उनकी रचना का शीर्षक जीवन सरिता यह दर्शाता है, कि जीवन एक नदी की भांति है, जिस तरह नदी का पथ स्थिर नहीं होता वह विभिन्न कठिनाइयों के बाद भी कभी सरल और कभी कठिन राह पर चलती रहती है और अंत में वह समुद्र में मिल जाती है और वह ऐसा करने में सक्षम इसलिए हो पाती है, क्योंकि उसके व्यवहार में एक सहजता है। इसी तरह मनुष्य जीवन भी गतिमान और अस्थिर है अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें भी अपने जीवन में सहजता लानी चाहिए।