'कलयुग का मन' कविता संग्रह में कवि ने अपनी उन कविताओं को संग्रहीत किया है जिसमें उन्होंने प्रेम , दर्शन , रोष , राष्ट्रभक्ति , जैसे भावनाओं को प्रदर्शित किया है । 'कलयुग का मन' से कवि का तात्पर्य उन तमाम प्राणियों से है जो कलयुग में श्वास ले रहे हैं और भिन्न भिन्न तरीकों से इस संसार को देखते हैं। कवि ने अपने संग्रह में कलयुग के उन विरोधाभासी भावनाओं को लिखने का प्रयास किया है जो प्रत्येक के हृदय में पलता है।