मेरे प्रिय पाठकों के प्यार, दुलार, प्रोत्साहन और समीक्षा की आकांक्षा लिए आपके समक्ष प्रस्तुत है, मेरी बेहतरीन कविताओं की अंजलि 'कवितांजलि'।
मेरा अथक प्रयास और आदरणीय 'मुस्कान केशरी' जी का सहयोग इस पुस्तक को इस रूप में परिणत कर पाया है। माननीय मुस्कान जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मेरे और माननीय मुस्कान जी के बीच सेतु बनी 'लिपिका भट्टी' का आभार व्यक्त करता हूं।
मेरे पाठकों के विचार मुझे सहर्ष स्वीकार है।