“ख़ामोशी में कही हुई”
केवल कविताओं का संग्रह नहीं है—
यह एक मनुष्य की
टूटन, तलाश, प्रेम, पिता-भाव,
आत्मबोध और वैराग्य की यात्रा है।
इन पंक्तियों में
प्रेम और समर्पण है,
विरह और जुदाई का बोझ है,
स्मृति और ख़ामोशी का संवाद है,
अकेलापन और अस्तित्व के प्रश्न हैं,
जीवन, समय और समाज से टकराव है,
और अंत में—
स्वीकृति, वैराग्य और शांत अधूरापन।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है
जो शब्दों से अधिक
भावनाओं की भाषा समझते हैं।