प्यार...एक एहसास या एक ज़रूरत या फिर सबकुछ खोकर सिर्फ एक को पाने का पागलपन ? आखिर अपने आप को आधुनिक कहे जाने वाले आज के इस समाज में प्यार कहाँ है..? कुछ ऐसे हीं सवालों को खड़ा करती और उसके ज़बाब ढूढ़ती अनुराग, श्रुति और निशा की ये कहानी है जो प्यार की राह पर दोस्ती और दोस्ती की राह पर प्यार की कशमकश में इस समाज के दो पहलुओं की दास्ता को बयाँ करती है |
श्रुति जो आज की कहे जाने वाले सभ्य समाज का एक पढ़ी-लिखी लड़की है और निशा एक बार-गर्ल है | ये दोस्त है पर जब इनकी दोस्ती मोहब्बत के दहलीज़ पर कदम रखती है तो शुरू होता है, इनके लाइफ लव और लक की कहानी...