"मेरे प्रतिनिधि हास्य-व्यंग्य" संग्रह में कुल 31 रचनाएँ हैं जो सभी देश की चर्चित एवं प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं | इस संग्रह में शामिल रचनाओं का प्रमुख आधार पाठकों की पसंद है लेकिन रचनाओं को शामिल करते समय इतना अवश्य ध्यान में रखा गया है कि विषयों में विविधता हो और व्यंग्य की विभिन्न शैलियों का भी प्रतिनिधित्व हो जाए | इन्हीं सरोकारों को केंद्र में रखकर सोशल मीडिया की विसंगतियों से लेकर सामान्य जन-जीवन को प्रभावित करने वाली घटनाओं, मानवीय चेतना को झकझोरने वाली राजनीतिक और सामाजिक विद्रूपताओं तथा सरकारी कामकाज, खेल और बाजार की विसंगतियों को रेखांकित करने वाले व्यंग्य निबंधों और कथाओं को प्रमुखता दी गई है |
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