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Pravaah / प्रवाह एक अनुभूति

Author Name: Lalita Vaitheeswaran | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

जब मनोभाव हृदय से प्रवाहित होते हैं तब कविता बनती है। ऐसे ही कई भावनाओं को पिरो कर इस  पुस्तिका में  दर्शाया गया  है। हृदय को स्पर्श करती हुयी विविध अनुभूतियों  का पाठक को आभास होगा।समाज में विद्यमान कई कुरीतियाँ हमें सोचने पर ,चिंतन करने पर और इस पर अमल करने पर बाध्य करती हैं,ताकि हम इसमें सकारात्मक बदलाव ला सकें और हमारे समाज को एक बेहतर स्थान बना सकें। 

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ललिता वैतीश्वरन

ललिता वैतीश्वरन  पेशे से एक स्त्री-रोग विशेषज्ञ हैं जिन्हें हिंदी व् अंग्रेजी दोनों ही भाषाओँ में लेखन का शौक है। इनकी ३ काव्य संग्रह की पुस्तिकायें

झाँझर - हिंदी में 

रिमझिम -द्विभाषिक (हिंदी व् अंग्रेजी में )

वर्ड्स  एस विज़ार्ड्स- अंग्रेज़ी  में 

प्रकाशित हो चुकी हैं। इनकी कवितायेँ  कई काव्य संकलनों का हिस्सा हैं। इनकी लेखनी मुख्यतः सामयिक एवं प्रासंगिक होती हैं। मनुष्य जीवन से जुड़े कई नाज़ुक पहलुओं पर लिखने का इनका एक विशेष रुझान है।

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