जो व्यक्ति राष्ट्र और प्रकृति के प्रति समर्पित होकर भटकते और बेसहारे जीवन को दिशा दिखाकर मानवीय मूल्यों को परिभाषित करता है, वही व्यक्ति जीवन के संघर्ष में हार को हराने का साहस जुटाता है, सफलता के दहलीज पर कदम रखता है, और अंततः भविष्य की जरूरत बन जाता है। यह पुस्तक (संघर्ष के रास्ते-स्वरचित राम कुमार यादव) युवाओं को लक्ष्य के बुलंदी पर चढ़ने के लिए प्रेरित करती है।