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Shabdon Ke Par / शब्दों के पार

Author Name: Vandana Gupta | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

यह पुस्तक 'शब्दों के पार' शब्दों से परे मगर शब्दों की ही नाव पर चल रही मेरी अनकही यात्रा है। 

दुःख-सुख,संवेदना,आस्था,विश्वास, ज़िम्मेदारी, आशाएं सपने इन सब अनुभूतियों के मध्य जो भी जीया गया है अब तक, ये वही सारे इंद्रधनुषी रंग हैं जो आज शब्दों के पार उतरे हैं।

मैंने जब जब आँसुओं से घनी अनुभूत चेतना को अपने भीतर कहीं कसमसाते पाया है उसकी मुक्ति हेतु मैंने सिर्फ और सिर्फ लिखने की राह पाई है और उसी से स्वयं को उबरते पाया है।

यों भी हुआ है कभी सारे अंतर्द्वंद्व दिशाहीन हो आपस में ही टकराकर नए रास्ते गढ़ने को चल पड़े हों उस वक्त निश्चित ही मेरे हाथों में मेरी लेखनी रही है।

इसे मैं किताब नहीं अपने उन्हीं नए रास्तों का एक खूबसूरत पड़ाव कहना चाहूँगी जहाँ मैं आज गहनतम आनन्द के बीच ख़ुद को इसी शब्द-अशब्द की महकती छाया तले देख पा रही हूँ और इस सुंदर यात्रा के साथी मेरा परिवार उसी तरावट भरी पुरवाईयों की तरह मेरे साथ चल रहे हैं जो इस पथ पर मेरे लिए प्राण-वायु की तरह आवश्यक हैं।

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वंदना गुप्ता

नाम-वन्दना गुप्ता

पता- अम्बेडकर नगर भीखमपुर रोड देवरिया-274001 उत्तर प्रदेश।

कार्य- इंटरकॉलेज में हिंदी व संगीत विषय की सहायक अध्यापिका पद पर कार्यरत।

रुचि- लेखन के अलावा नृत्य, नृत्य निर्देशन,गायन पेंटिंग और पाक-कला में ख़ास रुचि है।

रचनात्मक गतिविधियाँ-

2001-04 तक 'भारत स्वच्छता मिशन' से जुड़कर स्वच्छता से सम्बंधित योजनाओं के लिए लेखन कार्य किया।

कहानी और कविताओं के दो साझा संग्रह के अतिरिक्त 

कादम्बरी,वनिता,गृहशोभा,सरिता,दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, आज,स्वतंत्र चेतना,राष्ट्रीय सहारा,बालहंस,स्वर्ण वाणी,निष्पक्ष प्रतिनिधि सहित अन्य कई पत्र पत्रिकाओं में कविता,कहानी,व्यंग्य और लेखों का प्रकाशन। 

2001-2004 कहानी,कविता के लिए राज्य और मंडल स्तरीय पुरस्कार मिले।

वर्तमान में एक दैनिक समाचार पत्र के साप्ताहिक कॉलम के लिए लेखन कार्य जारी है।

सम्पर्क- ईमेल- vandana.gupta1590@gmail.

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