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"Shreeji" / "श्रीजी" भाव प्रियतमा

Author Name: BITTU SHREE DARSHANIK, रूहानी राजपूत | Format: Hardcover | Genre : Poetry | Other Details

यह कृति एक ऐसी सुंदर, बुद्धिमान, स्नेहमयी, उत्साही और आत्मनिर्भर युवती के प्रति जागी भावनाओं की अभिव्यक्ति है, जिसकी मात्र उपस्थिति ही अपने आसपास के वातावरण और भावनाओं को उल्लास, प्रसन्नता और सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है।


इस पुस्तक में कविताओं के माध्यम से उसके हृदय की कोमलता, उसके व्यक्तित्व की आभा और उसके प्रति लेखक के मन में जागे स्नेह तथा भावनाओं को काव्यात्मक रूप देने का एक विनम्र प्रयास किया गया है।


इन शब्दों और भावों में कहीं उसकी सुंदरता की झलक है, कहीं उसके स्वभाव की मधुरता, और कहीं लेखक के हृदय में उसके प्रति जन्मी उस गहरी भावना की अभिव्यक्ति, जो अंततः उसे अपने जीवन की भावी जीवनसंगिनी के रूप में देखने की कामना तक पहुँचती है।


साथ ही लेखक के मन में यह पावन अभिलाषा भी संजोई हुई है कि यह विशेष स्त्री उसकी प्रिय छोटी बहन रूहानी राजपूत उर्फ़ “भैय्यू का लाडला किट्टू गुण्डा” के लिए एक स्नेहमयी और चहेती भाभी-माँ बने, तथा माँ “आदिशक्ति” की प्रिय और आदर्श बहू के रूप में परिवार का स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद प्राप्त करे।


इस प्रकार यह पुस्तक केवल कविताओं का एक संग्रह नहीं, बल्कि एक सच्ची भावना, एक प्रेरणा और एक पवित्र अनुभूति की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है, जो हृदय की गहराइयों से जन्म लेकर शब्दों के माध्यम से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत हुई है।

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बिट्टू श्री दार्शनिक, रूहानी राजपूत

"बिट्टू श्री दार्शनिक" एक संवेदनशील लेखक, कवि और चिंतक हैं, जिनकी लेखनी जीवन के गहरे अनुभवों, भावनाओं और आध्यात्मिक दृष्टि को अभिव्यक्त करती है। वे दर्शन, आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवन-दृष्टि को सरल शब्दों में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी रचनाएँ मनुष्य के भीतर छिपी संवेदनाओं, संघर्षों और आशाओं को उजागर करते हुए पाठकों को आत्मबोध और प्रेरणा की ओर ले जाती हैं।


एक कवि और दार्शनिक के रूप में बिट्टू श्री दार्शनिक जीवन के छोटे-छोटे अनुभवों में भी गहन अर्थ खोजते हैं। उनकी कविताएँ केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को समझने और महसूस करने का एक माध्यम हैं। वे मानते हैं कि शब्दों में वह शक्ति होती है जो टूटे मन को संभाल सकती है और भटके हुए विचारों को दिशा दे सकती है।


लेखन के साथ-साथ वे एक मार्गदर्शक के रूप में भी लोगों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन की ओर प्रेरित करते हैं। उनका उद्देश्य केवल साहित्य रचना करना नहीं, बल्कि शब्दों के माध्यम से लोगों के जीवन में आशा, समझ और आंतरिक शांति का प्रकाश फैलाना है।


बिट्टू श्री दार्शनिक की रचनाएँ पाठकों को स्वयं से जुड़ने, जीवन को गहराई से समझने और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।


इंस्टाग्राम : @publishedphilosopher 
YouTube: @Bittu Shree Darshanik

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