‘त्रैमासिक स्वर्गविभा ऑनलाइन पत्रिका’ फिर एक बार आपके सम्मुख है| हमने आपकी ख्वाहिश को नजर रखते हुए, आपके इस पसंदीदा पत्रिका में,देश के बेहतरीन लेखकों,कथाकारों और गज़ल-कारों की रचनाओं को एकत्रित कर प्रकाशित की है, इसे पढ़िये| यह आपको माशूक की अदाएँ, प्यार-मोहब्बत, साकी पैमाना, शमा परवाना, आशिक-काशूक के कई रंग से आपको रूबरू कराएगी, तो दूसरी तरफ,कहानियों में सामाजिक कुरीतियों, रूढ़िवादियों पर अपनी सशक्त लेखनी से कथाकारों ने कुठाराघात कर, अपने पाठकों को सामाजिक बुराइयों से अवगत कराया है| इन कथाकारों ने,अपनी कहानी के पात्र-पात्रियों को इतने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है कि घटनाएँ आँखों के आगे सजीव हो उठती हैं,हर एक पात्र मानो बातें कर रहे हों|
हम आशा करेंगे कि हमारे अन्य अंकों की भाँति,पाठकों को यह प्रस्तुति भी पसंद आयेगी| आपके बहुमूल्य मशविरे की प्रतीक्षा रहेगी|
-स्वर्गविभा टीम
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