क्या आपका पड़ोसी आपकी संपत्ति पर अतिचार कर रहा है? किसी ने आपकी मानहानि की है? कोई लापरवाही से आपको नुकसान पहुँचाया है? ये सब टॉर्ट (अपकार) के उदाहरण हैं — और भारतीय कानून में इनके लिए उपाय मौजूद हैं।
भारत में टॉर्ट कानून का परिचय एक सरल और व्यावहारिक मार्गदर्शिका है जो नागरिक अपराधों की दुनिया को आम पाठक के लिए सुलभ बनाती है। सरल भाषा, वास्तविक उदाहरणों और भारतीय न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ, यह पुस्तक बताती है कि टॉर्ट कानून रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कैसे काम करता है।
पुस्तक में क्या है
यह पुस्तक टॉर्ट कानून के सभी प्रमुख पहलुओं को कवर करती है — लापरवाही, उपद्रव, मानहानि, अतिचार और दुर्भावनापूर्ण अभियोजन। इसके साथ ही परोक्ष दायित्व, उपभोक्ता संरक्षण और डिजिटल युग में उभरती नई टोर्ट जैसे ऑनलाइन मानहानि, साइबर उत्पीड़न और डेटा उल्लंघन पर भी विस्तार से चर्चा की गई है।
पुस्तक में व्यावहारिक जानकारी भी दी गई है — जैसे कानूनी नोटिस कैसे भेजें, सिविल प्रक्रिया संहिता की प्रासंगिक धाराएँ, और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कौन-से कदम उठाएँ।
यह पुस्तक किनके लिए है
कानून के छात्र जो टॉर्ट कानून की स्पष्ट हिंदी में समझ चाहते हैं
आम नागरिक जो संपत्ति विवाद, पड़ोसी समस्याओं या नागरिक अधिकारों के बारे में जानना चाहते हैं
कानूनी पेशेवर जो हिंदी में एक संक्षिप्त संदर्भ पुस्तक खोज रहे हैं
कोई भी व्यक्ति जो भारतीय न्याय प्रणाली में अपने अधिकारों को समझना चाहता है
भारत में टॉर्ट कानून का परिचय — अपने अधिकारों को जानें, अपनी रक्षा करें।