पुस्तक के बारे में :
जो लफ्ज़ दिल की किसी छोटे से कोने में बसे थे , आज वो अनजाने में बयां हो गये । यह किताब प्यार , और कुछ दर्दू से भरी है। इसमें कविताएं , उद्धरण और कुछ भावपूर्ण शब्द हैं ।कविताओं, उद्धरणों को पूर्ण डिजिटल रंगीन छवियों के साथ खूबसूरती से डिजाइन किया गया है| "वो लफ्ज़ बयां हो गये ".
"मोहब्बत के ये धागे कच्चे और नाज़ुक से हैं ज़रा हिफाज़त करना उसकी कहीं टूट ना जाएं , और तुम्हारा हमसफ़र कहीं छूट ना जाए ।" "अब ज़िन्दगी में कभी तुमसे खफा ना होंगे हम , मर जाएंगे सनम पर बेवफा ना होंगे हम ।" अगर ये पल कहीं खो गए तो हम ज़िन्दगी में इन्हें फिर से ढूंढेंगे ।।"