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Aathvaan Samandar / आठवां समंदर

Author Name: Seema Sharma "Srijita" | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

‘आठवां समंदर’ बना है प्रेमियों की आंखों से टपके मोतियों से, स्त्री की आंखों से जन्मी बूंदों से और एक अल्हड़ कवि के जीवन के अनगिनत अनुभवों से। इसमें केवल कविताएं नहीं जीवन है, स्त्री का मन है और लबालब प्रेम है। अपनी पाठक दृष्टि इस सागर पर डालिए और उतर जाइये इसके तल में। आप जितना गहरा जाएंगे, आप अपने मन-सा पाएंगे। इस किताब की लहरों में बसनेवाले प्रेमियों से थोड़ा-सा प्रेम करिए, ये आप पर पूरा-का-पूरा सागर उड़ेल देंगे। इस किताब की पंक्तियों को छूकर देखिए, जादू होगा और आप मुझ तक पहुंच जाएंगे।

– सीमा शर्मा ‘सृजिता’

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सीमा शर्मा ‘सृजिता’

सीमा शर्मा ‘सृजिता’ 6 अप्रैल 1990 को मथुरा (उत्तर प्रदेश) के छोटे से गांव में जन्मीं। इनका लालन-पालन, शिक्षा-दीक्षा वृन्दावन में हुई। वृन्दावन, मथुरा से एमए बीएड करने के बाद सीमा ने कुछ समय शिक्षण कार्य भी किया। बचपन से ही लिखने में इनकी रूचि रही। इनकी पहली कविता ‘मां’ वृन्दावन में प्रयास संस्था द्वारा निकाली जानेवाली मासिक पत्रिका ‘सृजन’ में  प्रकाशित हुई। सृजिता की अनेकों कवितायें एवं कहानियां भिन्न-भिन्न समाचार पत्रों एवं साझा संग्रहों में लम्बे समय से प्रकाशित होती रही हैं। सृजिता प्रेम और स्त्री विमर्श पर लिखती हैं। 

स्त्री विमर्श पर इनकी दो पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं: 

काव्य संग्रह: योषिता - सृजिता के अन्तर्मन से 

कहानी संग्रह: लाड़ो रानी राज करेगी

‘आठवां समंदर’ इनकी तीसरी किताब एवं दूसरा काव्य संग्रह है।

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