यह पुस्तक अकेली माँ के संघर्ष को बताती है। दुनिया में सबसे ज्यादा संघर्ष अकेली माँ का ही होता है। वह अपने अतीत से जूझती, वर्तमान से संघर्ष करती भविष्य के सपने सजाती है।
यहाँ उन कुछ किस्से कहानियों एवं कविताओं को शामिल किया गया है।
ललित मेघवाल इनकी 17 साल उम्र है मरुधर राजस्थान में चित्तौड़ढ के डोरिया गांव के निवासी है नाम की तरह काव्य मे भी लालित्य झलकता है श्रृंगार रस मे काफी रुचि रखते है फिलहाल mppgचित्तौड़गढ मे कला वर्ग मे प्रथम वर्ष मे अध्ययनरत है लिखने की प्रेरणा नवोदय के मित्रो के सहयोग से मिली है काव्य मे रुचि के साथ ही समाज सेवा हेतु प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते है ये अपने लेखन का श्रेय नवोदय परिवार को देते है अपने जज्बातो से आकर्षण करने वाले लालित्य की रचना आप इंस्टा पर भी पढ सकते है IG -@Lbz_lalit_k