लाल किताब जैसे पवित्र ग्रंथ को हम लोग दूषित करने में लगे हुए है। इस ग्रंथ को समझने की जगह हम लोग इसमें से मतलब की बातें उठा कर अपनी जेबें गरम कर रहे है। हम सभी ने देखा होगा के कोई लाल किताबी जब हमारी कुंडली देखता है तो हमें हैरान करने वाली बातें बता देता है, जैसे आपके घर में कहा पे रसोई है, आपके घर में किसकी आँखें ख़राब है, आके परिवार में किसी की 2 शादियाँ हुई है आदि। हम लोग उसकी बातों से बहुत प्रभावित हो जाते है और उसको एक देवता समझ बैठते है। वो हमें शर्त लगा के कहता है के मैं जो कह रहा हू वो सही है। पर क्या वो ज्योतिषी शर्त लगा कर ये भी कह सकता है के आपके आने वाले भविषया में ऐसा ही होगा? आपको जो मैं उपाय बता रहा हूँ वो 100% काम करेगा?
नही, बिलकुल नही क्यूँकि आने वाला कल किसी की निशानियां या शर्तों पे नही चलता। कल और क़िस्मत किसी की दासी नही है। पर जो भी हो ऐसे ज्योतिषियों की मीठी मीठी बातें सुनकर हम सब चकित ओर प्रभावित हो जाते है, और जिन ज्योतिषियों को मालूम नही के यह सब कैसे होता है और पर्दे के पीछे का क्या खेल है वो इधर उधर भटकते रहते है। कुछ ज्योतिषी इस लाल किताब की निशानियां को बिना लाल किताब पड़े ख़रीदना चाहते है। क्यूँकि माखन सभी को चाहिए पर मेहनत कोई नही करना चाहता।इसी चक्कर में ये ज्योतिषी अपने लाखों रुपए ज्योतिषी सम्मेल्लनो में लगा कर वह से निशानियां ख़रीदते है। मुझे पता चला है कि ये निशानियां आमतौर पर 1 लाख से ऊपर में बिकती है या यूँ कहे के 1 निशानियां को 500 रुपए में बेचा जाता है।