दो करोड़ पच्पन लाख नागरिकों की महान विरासत वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश की जर्जर हालत से त्रस्त आमजन परिवर्तन की ललक में सिर्फ एक व्यक्ति पर टकटकी लगाये हुए हैं,एक मामूली किसान से लेकर उद्योगपति और विद्यार्थियों सहित लाखों लोग उनसे प्रभावित हुए है तथा भ्रष्टाचार मुक्त,बेरोजगारी मुक्त,समर्थ तथा सुदृढ़ नवा छत्तीसगढ़ के निर्माण के उनके अभियान में शामिल हुए हैं,उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ महतारी का बेटा सिद्ध किया है|विरासत या भाग्य की बदौलत मिली सत्ता के कारण नहीं बल्कि अनगिनत संकटों और संघर्षो के बीच विकास के राह पर चलकर उन्होंने छत्तीसगढ़ के लाखों लोगो का दिल जीत लिया है,विकास को जनअभियान बनाने के संकल्प के साथ वे सरकार को वातानुकूलित कार्यालयों से बाहर निकालकर लोगों की चौखट तक लाने में सफल हुए हैं,भूपेश बघेल जो कहते है,उसे कर के दिखाते हैं|वे उत्कृष्ट दूरद्रष्टा और छत्तीसगढ़ के पुनरुत्थान के शिल्पी है,ऐसे जननायक भूपेश बघेल को जानने समझने की जिज्ञासा – उत्कंठा जन जन में है,कठोर शासक कहे जाने वाले भूपेश बघेल अत्यंत कोमल ह्रदय के व्यक्ति है|उनका ह्रदय हमेशा पीड़ित शोषित और आभावग्रस्त लोगो के कल्याण हेतु व्यथित रहता है|कुशल शासक,संगठक,प्रभावी वक्ता और विचारक जैसे अनेक गुण उनमे कूट कूट कर भरे है|यह पुस्तक उनका जीवन चरित्र नहीं है,बल्कि उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को रेखांकित करने का प्रयास भर है|समग्र छतीसगढ़ इस जननायक की ओर आशा भरी नजर से देख रहा है,ऐसे समय में भूपेश बघेल के व्यक्तित्व पर प्रकाशित यह पुस्तक छतीसगढ़ की जनता को अर्पित है,जो आपको भूपेश बघेल के जीवन,कार्य,व्यक्तित्व और विचारों का समग्र दर्शन कराएगी|
प्रतीक उमरे छतीसगढ़ के दुर्ग से है ,प्रतीक दुर्ग नगर निगम के एल्डरमैन रह चुके है इन्हें छतीसगढ़ के सबसे कम उम्र के एल्डरमैन होने का गौरव हासिल है,अभी ये 28 साल के है,यह इनकी दूसरी किताब है,इनकी पहली किताब "कुछ भी" को पाठकों का बहुत प्यार मिला|