महाभारत की प्रेरणादायक कथाओं ने सदैव ही मानव जीवन के लिए पथप्रदर्शक का कार्य किया है, उन्हीं कथाओं में से एक कथानक को 'द्रौपदी व्यथा' के माध्यम से काव्य रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस कविता में महाभारत युद्ध समाप्ति के तुरंत उपरांत महारानी द्रौपदी एवं श्रीकृष्ण जी की प्रथम भेंट एवं उनके मध्य संवाद को दर्शाया गया है।