कुछ बातें जो अक्सर हम कभी किसी और के साथ नही कर पाते, किसी घबराहट के कारण या शायद शर्म, उन्हीं कुछ बातों को कविता के माध्यम से पन्नों में संजोकर इस किताब में पिरोया गया है।
गुफ्तगू सिर्फ प्रेम प्रसंग तक सिमटी पुस्तक नही है इसमें और भी अन्य विषयों पर गुफ्तगू की गई है जिसके माध्यम से हर पढ़ने वाला किसी न किसी कविता से खुद को जोड़ पाए।
इस पुस्तक में कुल 21 कविताएं जिसमें से कुछ मेरे जीवन से जुड़ी है और कुछ किस्से मैंने कही सुने या काल्पनिक है और इनमें से कोई भी कविता अब तक न किसी मंच पर उतरी है और न ही किसी और जगह।।