‘इन्द्रधनुष’ सात कहानियों का एक संग्रह है । जैसे इन्द्रधनुष में सात अलग रंग होते हैं उसी प्रकार इन कहानियों के भाव भी अलग हैं । इन कहानियों में मार्मिकता भी है, गंभीरता भी है और व्यंग्य भी । लेखन की भाषा सर्वग्राही तथा धाराप्रवाह है । विज्ञान के प्राध्यापक और शोधकर्ता का हिंदी साहित्य में यह एक अनूठा प्रयोग है ।