काफी वक़्त से ख़्वाहिश थी के अपने कुछ शायर साथियों के साथ मिल कर जज़्बातो के मोतियों से पिरोई ग़ज़लों और नज़्मों की एक ऐसी किताब तैयार करके पेश की जाये जो सभी उर्दू-हिंदी पढ़ने वाले लोगों के लिए मुकम्मल तोहफा हो।
बस अब आप सब का इंतज़ार ख़त्म हिंदुस्तान की मुख़्तलिफ़ जगहों से अलग-अलग शायर ने अपने दिल की आवाज़ और जज़्बात अपनी ग़ज़लों के तौर पर भेजकर इस किताब का हिस्सा बने जो यकीनन आप सब का दिल छू लेंगे।
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