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Khuli Kitaab / खुली किताब (कुछ अनकहे किस्से)

Author Name: Dev Pragati Manish | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

इस पुस्तक में मैने मेरे जिंदगी के कुछ अंकहे किस्से लिखे है, समाज मे हो रहे कुरीतियों के बारे मे दर्शाया गया है, और हमारे जिंदगी में कोई ऐसा नही की जो हमारे काम न आए चाहे वो कोई भी हो, मैने इस पुस्तक मे अपने नजरिये के हिसाब से अपने विचार प्रकट किया है, ये पुस्तक किसी कोभी ठेस पहुँचाने के लिए नही लिखी गई है, ये हमारे रोज के जीवन मे हमें ये सब का सामना करना पड़ता है। 

आशा करती हु की आप सभी को पढ़ के अच्छा लगे और जो भी भूल हुई हो उसके लिए माफ़ी चाहती हूं।

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देव प्रगति मनीष

देव प्रगति मनीष

देव प्रगति मनीष देवघर झारखंड की रहने वाली है। अभी कुटूच गुजरात में रह कर अपनी पढ़ाई कर रही है। प्रगति अभी विज्ञान विषय से अपनी बारहवीं की पढ़ाई S. V Campus Kadi से कर रही है। विज्ञान की पढ़ाई अभी वो कर रही है, पर उन्होंने अभी भविष्य के लिए विचार नहीं किया है के क्या करना है।

वह पंद्रह साल की उम्र से ही लिखती आ रही है, उन्होंने सह लेखक के तौर पर कई संकलन में भाग लिया है, उनमें से कुछ संकलन है: "कुछ तो अभी बाकी है" ,"ऐसा था ये साल" इत्यादि।

उन्हें उनकी लेखनी के लिए बहुत से प्रशंसा पत्र भी प्राप्त हो चुके है।

प्रगति का मानना है, की अभी उनका सर्वश्रेष्ठ आना बाकी है।

दूसरों से पूछोगे तो बुरा ही पाओगे, मेरे से बात करो खुश हो कर जाओगे वादा है मेरा।

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