इस पुस्तक में मैने मेरे जिंदगी के कुछ अंकहे किस्से लिखे है, समाज मे हो रहे कुरीतियों के बारे मे दर्शाया गया है, और हमारे जिंदगी में कोई ऐसा नही की जो हमारे काम न आए चाहे वो कोई भी हो, मैने इस पुस्तक मे अपने नजरिये के हिसाब से अपने विचार प्रकट किया है, ये पुस्तक किसी कोभी ठेस पहुँचाने के लिए नही लिखी गई है, ये हमारे रोज के जीवन मे हमें ये सब का सामना करना पड़ता है।
आशा करती हु की आप सभी को पढ़ के अच्छा लगे और जो भी भूल हुई हो उसके लिए माफ़ी चाहती हूं।