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Kitna Kehene Ko Baaki Hai / कितना कहने को बाक़ी है

Author Name: Sudha Jain | Format: Hardcover | Genre : Poetry | Other Details

सुधा जैन के प्रस्तुत कविता संग्रह 'कितना कहने को बाकी है' की कविताएं पढ़ते हुए घर गृहस्थी के आंतरिक अनुभवों से गुजरना है जहां घर की यादें हैं,गृहस्थी की टकराहटें हैं,बच्चों की किलकारियां हैं और है पारिवारिक जीवन की अनेक छवियां।यहां परिवार का साथ है।प्रेम का बंधन है।प्रिय का साहचर्य है जिनको जीना है और जीते हुए जिन्हें धारण करना है।कई कविताओं में संबंधों की प्रगाढ़ता है या कि प्रगाढ़ संबंधों की अनेक छवियां हैं।

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सुधा जैन

श्रीमती सुधा जैन का जन्म 1945 में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में हुआ था। अपने पिता स्वर्गीय श्री रतन मल्ल जैन के प्रोत्साहन से उन्होंने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की और कॉलेज की पढ़ाई में प्रवेश लिया। भाषाओं, विशेषकर हिंदी और संस्कृत में उनकी पकड़ ने उन्हें हिंदी साहित्य और लेखन का गहन अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। अपने जीवनकाल में, परिवार का पालन-पोषण और बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ, उन्होंने कविताएँ लिखना जारी रखा, और अधिकांशतः पारिवारिक समारोहों में निजी तौर पर ही कविताएँ साझा कीं। यह संग्रह उनकी रचनाओं का एक छोटा सा नमूना प्रस्तुत करता है, जो मानवीय परिस्थितियों के बारे में उनकी गहरी समझ को उजागर करता है।

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