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Nari-Sparsh / नारी-स्पर्श बस कह नहीं पाए

Author Name: Ritu Kulshrestha | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

एहसास और जज़्बात से लबरेज़ खूबसूरत कृति। रजनी रोहित, रिटायर्ड हिंदी अध्यापिका 

बहुत उम्दा कृति, सरल हिंदी भाषा में, और आसानी से एक जुड़वा महसूस होता है। आशीष श्रीवास्तव, आईटी 

बेहद खास दिल से निकले शब्द। शिल्पा कुलश्रेष्ठ, लाइफ कोच

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ऋतु कुलश्रेष्ठ

रजनी एवं रोहित कुलश्रेष्ठ जी के यहाँ ऋतु का जनम २८ नवंबर को कोटा राजस्थान हुआ। दिल्ली से कंप्यूटर में स्नातकोत्तर किया। इन सब के बीच उनका अहा! ज़िन्दगी, कादंबनी, सरिता, वनिता, वूमेंस एरा में सक्रिय लेखिका रही है। हैदराबाद और कोटा  बच्चो की प्रिय अध्यापिका से जानी जाती है। विदेश में रह कर ब्लॉग के माध्यम से  जुड़ी रही और लेखन  जारी रखा।  यह उनकी तीसरी किताब है। पहली दो कृति "एहसास”, "मुक संवाद " अमेज़न ऑनलाइन पर उपलब्ध है और सभी के प्यार के लिए वो सहृदय आभारी है।  

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