Net Kahaniyan 21vin Sadi Ke Business Ki / नैट कहानियां 21वीं सदी के बिजनेस की Practical & Real Education about Network Marketing Business/Multi Level Market
नैटवर्क मार्केट या मल्टीलैवल मार्केट निःसंदेह आज की तारीख में एक ऐसा अद्भुत एवम् सत्यापित मार्ग सिद्ध हो चुका है जिसे अपना कर कोई भी व्यक्ति अपने लिये न केवल आजीविका बना सकता है बल्कि अपने बड़े से बड़े सपनों को भी पूरा कर सकता है।
अगर आप नैटवर्क मार्केट में व्यवसाय करते हैं या अभी आरम्भ किया है तो लगे रहिये। सफलता मिलने से पहले इसे छोड़ियेगा नहीं। क्योंकि जितनी आसानी से यहाँ सफलता मिल सकती है, उतनी आसानी से कहीं और नहीं।
कहानियों की इस पुस्तक में नैटवर्क मार्केट की असली शिक्षा बताई गई है।
इस पुस्तक में कहानियों के रूप में उन नियमों के बारे में बताया गया है, जिनका पालन किये बिना इस इंडस्ट्री में कामयाब होना नामुमकिन है।
इन कहानियों को पढ़ें और इनके भीतर छिपे संदेशों को ग्रहण करें।
यह पुस्तक किसी कम्पनी विशेष को बढ़ावा देने के लिये नहीं लिखी गई है। इसका उद्देश्य केवल नैटवर्क बिजनेस में छिपी सम्भावनाओं को पाठक तक पहुँचाना है। इस पुस्तक में दिया गया ज्ञान नैटवर्क बिजनेस में कार्य कर रही हर एक कम्पनी और हर एक व्यक्ति के काम का है। इसलिये इस पुस्तक को कोई भी व्यक्ति पढ़ सकता है।
ज्ञान से असली लाभ लेना हो तो उसे फैलायें। नैटवर्क बिजनेस कर रहे दूसरे लोगों को भी ये कहानियां पढ़ने की प्रेरणा दें। अपनी मीटिंग्स आदि में इन कहानियों को सुनायें। इस तरह इन कहानियों से स्वयं भी लाभ कमायें और अपनी टीम को भी लाभ दिलवायें।
आपको सफलता की ढेरों शुभकामनायें।
विपिन कुमार शर्मा उर्फ ‘सागर’ पर माँ सरस्वती व भगवान नारायण की विशिष्ट कृपा है।
लेखक भारत के एकमात्र ऐसे लेखक हैं जो सफलता सम्बन्धी केवल अनुभूत ज्ञान को लिखने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
लेखक को लेखन का 28 वर्ष से अधिक का अनुभव है। आपकी दो पुस्तकें पाठकों को अपना दीवाना बना चुकी हैं - पैसे की समझ (एजूकेशन अबाउट मनी) और नैट कहानियाँ 21वीं सदी के बिजनेस की।
लेखन के अलावा इनकी वाणी एवम् भाषा पर बहुत अच्छी पकड़ है। वे स्कूल के समय से ही विभिन्न मंचों पर वक्ता के रूप में अपनी पहचान बनाये रखे हुए हैं।
लेखक एक बेहतरीन वक्ता, मोटीवेटर व ट्रेनर हैं। पिछले 18 वर्षों से लेखक नैटवर्क मार्केंटिंग, डायरैक्ट मार्केटिंग व ट्रैडिशनल मार्केट में काम करने वाली बहुत सी कम्पनियों में कार्यरत लोगों को अपने अनुभव से लाभ पहुँचाते आ रहे हैं।
लेखक बहुत सी गणमान्य संस्थाओं के प्रमुख सलाहकार हैं। पक्के समाजसेवी व लोक कल्याण के कार्यों में रूचि रखने वाले हैं।
लेखक के. डी. परिवार नामक एन जी ओ के संस्थापक हैं जो सफलता की शिक्षा व ज्ञान को समर्पित एक परिवार है जिसका मकसद सफलता की शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाना है।
लेखक का संकल्प है कि सफलता सम्बन्धी ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जाये। इसलिए वे गीताप्रैस गोरखपुर को आदर्श मानते हुए सफलता सम्बन्धी सस्ता साहित्य प्रकाशित करने की योजना पर कार्य कर रहे हैं।
लेखक का यह मानना है कि सफलता के इस ज्ञान की सचमुच उन लोगों को सबसे अधिक आवश्यकता है जो जनसंख्या पिरामिड के बॉटम यानि सबसे निचले स्तर पर रहते हैं अर्थात् वे लोग जो मध्य वर्ग तथा गरीबी रेखा से नीचे वाले वर्ग में आते हैं। ये वो लोग हैं जिनके पास इतना पैसा नहीं है कि वे महँगी-महँगी किताबों या कोर्सेज पर पैसा खर्च कर सकें। इसलिए लेखक बॉटम लाईन के लोगों तक सफलता सम्बन्धी सस्ती पुस्तकें पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं।
लेखक का मानना है कि भगवान नारायण के आशीर्वाद से वे अपने संकल्प को बहुत जल्द पूरा कर लेंगे।