विद्या की देवी मां भाग वादिनी को मेरा वंदन मेरी सम्मानित पुस्तक (न्याय दर्पण ) के द्वारा मैं लोगों तक अपने विचार पहुंचाने में सफल हूं प्रयास है मैं अपने शब्दों के द्वारा लोगों को जागृत कर सकूं
पुस्तक को देखकर आपके हृदय में उमड़ती हुई काव्य गंगा के प्रति श्रद्धा को मैं नमन करती हूं
जो मेरे अंदर एक लेखक बन कर लिख रही है और आपके अंदर एक श्रोता बनकर सुन रही है
मैंने बड़े ही रोचकमयी ढंग से अपनी रचना के द्वारा अपनी प्रतिभा को उजागर किया है