लेखक: धीरेन्द्र सिंह बिष्ट
भाषा: हिंदी | शैली: समकालीन सामाजिक कथा | प्रकाशन वर्ष: 2025
“फोकटिया” एक भावनात्मक रूप से सशक्त, यथार्थवादी और आत्मविश्लेषण पर आधारित हिंदी उपन्यास है, जो आधुनिक रिश्तों के जटिल पहलुओं को सामने लाता है।
इस कथा के केंद्र में है राजीव, एक साधारण लेकिन संवेदनशील युवा, जो अपनी सच्चाई, भरोसे और भावनाओं से रिश्तों को निभाता है। पर जब उसके सबसे करीबी दोस्त कमल की असलियत सामने आती है — कि वह सिर्फ लेता है, देता कुछ नहीं — तो राजीव एक आत्म-साक्षात्कार की यात्रा पर निकलता है।
यह उपन्यास एकतरफा रिश्तों की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जिसे समाज अक्सर नज़रअंदाज़ करता है। यह न केवल व्यक्तिगत अनुभवों को दर्शाता है, बल्कि पाठकों को आत्मसम्मान, भावनात्मक सीमाओं और ‘ना’ कहने की हिम्मत से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख भी देता है।
मुख्य विशेषताएं:
• एकतरफा दोस्ती और भावनात्मक शोषण की मार्मिक प्रस्तुति
• आत्म-सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को प्रभावी ढंग से छूता है
• सरल, सजीव और सशक्त भाषा शैली
• उन पाठकों के लिए, जो वास्तविक जीवन से जुड़ी कहानियों की गहराई को समझते हैं
“फोकटिया” सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — उन रिश्तों से सावधान रहने की, जो आपको भीतर से खोखला कर देते हैं।
यदि आपने कभी ऐसा रिश्ता निभाया है जहाँ आप ही सिर्फ देते रहे, तो यह पुस्तक आपकी अपनी कहानी है।
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