इस पुस्तक में, गुरु और शिष्य के प्रेम, गुरु के उपदेश एवं शिष्य के चरित्र में गुरु के प्रभाव को कविताओं के माध्यम से दर्शाया गया है।
समस्त कविताओं को राकेश बाउरी ने अपने प्रिय गुरु डॉ सीमा सिन्हा के श्रीचरणों में समर्पित किया है।
राकेश बाउरी द्वारा लिखी गयी कविताओं में उनका स्वयं का चरित्र व उनके जीवन में उनके प्रिय गुरु डॉ सीमा सिन्हा की आगमन एवं उनके महत्वपूर्ण भूमिकाओं को दर्शाया गया है और किस प्रकार गुरु ने शिष्य को एक पत्थर से मोती बनाया? इन्हीं सब प्रेम भावों को राकेश बाउरी ने कविताओं का स्वरुप दिया है।