अर्थशास्त्र विषय को परिपूर्ण रूप से परिभाषित करने के लिये उत्पादन से उपभोग तक की विविध गतिविधियों में जो क्रियाएँ सम्पन्न की जाती हैं, उनमें बैंकिंग वह महत्वपूर्ण क्रिया है जिसके अभाव में आधुनिक व्यवसाय जगत की कल्पना निरर्थक है। मुद्रा जहाँ विनियम का महत्वपूर्ण साधन है, वही बैंक विनिमय को गतिशीलता प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण संस्था है। उन्नतशील वाणिज्यिक गतिविधियों बकिंग कार्य प्रणाली ने मुद्रा के तीव्र प्रवाह से अन्तर्राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रतिद्वन्द्विता में भी अपना स्थान सुनिश्चित किया है। इसके साथ ही बैंक ने पारस्परिक व्यवहारों की विश्वसनीयता की एक नयीं मानवीय संवेदना को सन्तुष्ट किया है।