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sadaayan / सदायें कुछ क़िस्से- लफ्ज़ो से, दिल तक

Author Name: Editor: Iram Fatima ' Ashi' | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

"सदायें, कुछ क़िस्से- लफ्ज़ो से, दिल तक" इस किताब के ज़रिये वो ज़िन्दगी के हर रंग को समेटकर वो क़िस्से-कहानियां कहना चाहते हैं, जो सबने जी तो हैं, पर कह-सुना नहीं पाये। 

कई बार इन छोटी-छोटी कहानियों के ज़रिये बड़ी गहरी बात कही या सामने रखी जा सकती है, जो कि हमारी ज़िन्दगी का आईना होती हैं और इंसान के जज़्बातों के उतर-चढ़ाव के सफ़र को देखती हैं। मुझे यकीन है के इन कहानियों और उनके किरदारों में आप आम ज़िन्दगी से जुड़े लोग दिखाई देंगे। 

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संपादक: इरम फ़ातिमा 'आशी'  

मेरा नाम ईरम फ़ातिमा 'आशी' है। मुझे लिखने का हुनर विरासत में मिला और तेरह साल की उम्र से लिखना शुरू कर दिया था। मुझे लिखना और पढ़ना रूहानी सुकून देता है। मेरी पहली कहानी 'मनोरमा मैगज़ीन' में स्कूल टाईम में र्प्रकाशित हुई थी, फिर कविताएँ हिन्दी-अंग्रेज़ी के न्यूज़पेपर और मैगज़ीन में  प्रेकाशित होती रही और हौसला बढ़ता चला गया।

सरकारी नौकरी में पापा के अलग जगहों पर  तबादला होने की वजह से हर तरह के लोगों, उनका रहन-सहन, खान-पान और बोली अपनाना आ गया। 

 मेरी अब तक हिन्दी और ईगलिश ग़ज़ल और कहानियों की संकलित संग्रह की कुल मिला कर  66 किताबें इंडिया, यू॰ अस. और कनाडा में प्रकाशित  हो चुकीं हैं।  रिफलेकशन नाम की  अंग्रेज़ी ओनलाइन मैगज़ीन की 'एडिटर इन चीफ़' और प्रिंट जूनरल 'वीयू' की 'ऐडीटोरियल एगज़ीकूटिव सब कमेटी मैमबर' और आगमन की 'इंटरनेशनल कोडिनेडर' के काम से जुड़ी हुई हुँ। आगमन परिवार से 2015, 2016 & 2017 का गौरव सम्मान & GlantorX द्वारा ‘सशक्त महिला पुरस्कार 2022' ज़िदगी के यादगार लमहों में से एक है। 

मेरा परिवार और दोस्त मेरी प्रेरणा हैं और मैं हमेशा उन सबके लिए लिखती रहूँगी...

शुक्रिया

इरम फ़ातिमा 'आशी'

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