यह पुस्तक स्वर्गीय डॉ. आर. पी. साहू को श्रद्धांजली अर्पित करती है । इस पुस्तक में उनके द्वारा रचित 20 कविताओं का संग्रह है जो उनके डायरी से सँजोय गए हैं । उनके द्वारा रचित कुछ कविताएं लॉकडाउन के समय में लिखी गई हैं तो कुछ उससे पहले की भी हैं ।
एक कवि, शिक्षक और डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए डॉ. आर. पी. साहू ने अपनी आखिरी साँसे ली। वे इन तीनो क्षेत्र में ईमानदारी तथा अनुषशीत रूप से काम किया है । इसके बावजूद भी उन्होंने एक बहुत हीं सादगी से भरा जिंदगी जिया । इस सफर में काफी उतार चढ़ाव हुए परंतु हर किसी का पूरी ताकत से सामना कर के उन्होंने ने अपनी बुढ़ापे की जिंदगी में पूरी तरह से स्वस्थ्य एवं कर्मशील व्यक्ति के रूप में दिखे । शिक्षक और डॉक्टर बन के उन्होंने समाज का सेवा किया तथा कविताएं लिख अपना शौक भी पूरा किया । इन कविताओं से भी उन्होंने समाज को आगे बढ़ने के लिए सीख देते रहे । अपनी आस पास की सभी घटनाओं तथा अच्छी-बुरी भावनाओं को वे कविताओं के माध्यम से व्यक्त करने का एक जरिया बना दिया ।