"शापित प्रेम" सिर्फ़ एक काव्य संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं की गहरी नदी है, जिसमें प्रेम के कई रंग बहते हैं। यह किताब सिर्फ़ रूमानी प्यार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आध्यात्मिक, सामाजिक और जीवन के गहरे पहलुओं से जुड़ा प्रेम भी मौजूद है। निर्मल सिंह ‘नीर’ की कविताएँ हमें ज़िंदगी के उन कोनों में ले जाती हैं, जहाँ प्रेम सिर्फ़ एक एहसास नहीं, बल्कि एक दर्शन बन जाता है। इसमें रिश्तों की उलझनों, समाज के बदलते रूप और एक अनकहे दर्द को भी छूने की कोशिश की गई है। यह किताब हर उस इंसान के लिए है, जिसने कभी प्यार किया हो, खोया हो या फिर उसे समझने की कोशिश कर रहा हो।
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