“स्वर्ग की खोज” एक काव्यात्मक यात्रा है - जिसमें एक भ्रमित आत्मा मृत्यु पश्चात स्वर्ग की खोज में भटकने के बाद स्वयं परमात्मा से टकरा जाती है। यहीं से प्रारंभ होता है एक अद्भुत, रहस्यमय संवाद - आत्मा और परमात्मा के बीच।
आत्मा प्रभु से अनेक गहन प्रश्न पूछती है - प्रभु के उत्तर न केवल तर्क से भरे हैं, बल्कि वे पाठक की चेतना को भी झकझोर देते हैं।
पद्य रूप में लिखा यह आध्यात्मिक संवाद न केवल रोचक है, बल्कि आत्म-ज्ञान की दिशा में एक दीपस्तंभ समान है।
यह केवल एक रचना नहीं - एक अनुभूति है, एक जागृति है।
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