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Yagya Tulika / यज्ञ तुलिका Smritiyon ka kosh/ स्मृतियों का कोश

Author Name: Yaggesh | Format: Hardcover | Genre : Poetry | Other Details

"यह 108 मोतियों का ताना-बाना है
शब्दों की सुंदर वर्णमाला है"

यज्ञतुलिका

एक ऐसा काव्य-संग्रह है
जहाँ शब्द आहुति बनते हैं
और भाव यज्ञ।
इन कविताओं में
कहीं चाँद की चुप्पी है,
कहीं रात्रि का धैर्य,
कहीं प्रेम की पूर्णता,
तो कहीं उसकी अपूर्णता ही उसका सत्य है।
हर कविता के बाद
एक रिक्त पृष्ठ
पाठक को आमंत्रित करता है—
कि वह भी इस यज्ञ में
अपने विचार अर्पित करे।

लेखक: यज्ञेश लाखोटिया
संकलन-वर्ष: 2026

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यज्ञेश

यज्ञेश लाखोटिया


पिछले पंद्रह वर्षों से सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े एक पेशेवर हैं और दिल्ली में कार्यरत हैं।
अंग्रेज़ी और हिंदी—दोनों भाषाओं में समान प्रवाह होने के बावजूद, उनका मानना है कि अंग्रेज़ी जहाँ एक भाषा है, वहीं हिंदी एक अनुभूति है।
विचारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति के लिए वे कविता को सबसे सशक्त और सजीव माध्यम मानते हैं।
उनकी रचनाएँ
प्रेम, प्रकृति और जीवन-दर्शन के बीच
चलते एक मौन संवाद की तरह हैं—
जहाँ शब्द कम और अनुभूति अधिक बोलती है।

यज्ञतुलिका

उनका प्रथम काव्य-संग्रह है,
जो पाठक को केवल पढ़ने नहीं,
बल्कि ठहरने, महसूस करने
और स्वयं से संवाद करने का अवसर देता है

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