Hindi

मीठा दोस्त
By Arjun in Poetry | Reads: 185 | Likes: 1
मीठा दोस्त ======= सुन ना दोस्त  यू बहकी बहकी बाते करके तू ही मेरे पास आया था फिर जानने को मेरे सारे राज तूने ही मुझे बहक  Read More...
Published on Jun 4,2020 09:16 AM
नन्नी सि उङान्
By MEGHA HEGDE in Poetry | Reads: 253 | Likes: 2
नन्नी सि उङान् घर माँ बाप को चोङने का गम् । मुश्किल से खुद् को संभालेते हम् । बोहत् अर्मान् से आयेथे हम् यहा । कुछ कर  Read More...
Published on Jun 4,2020 12:52 PM
मुकम्मल प्यार
By khushi kishore in Romance | Reads: 182 | Likes: 0
आज उनकी शादी की 10 वीं सालगिरह थी। अनु बगीचे से दो सुर्ख लाला गुलाब तोड चाय की ट्रे में सजा अमित को जगाने चल पड़ीं। अम  Read More...
Published on Jun 4,2020 02:14 PM
सामाजिक लकीरे
By saurabh baurai in Poetry | Reads: 354 | Likes: 0
बिन बोले भी अक्सर उनकी  आंखे सब कुछ कहती है।  गुनाह बिना भी रूहें उनकी पीर हयात का सहती है।।   ना जाने क्यों निर्  Read More...
Published on Jun 4,2020 02:20 PM
अधूरी दास्तां
By khushi kishore in Romance | Reads: 146 | Likes: 0
रात के अंधेरे में,हवा की तेज रफ्तार के साथ होड़ लगाती। हवा को चीर कर अपने गतवंत की तरफ तेजी से भागती ट्रेन की खिड़की   Read More...
Published on Jun 4,2020 02:32 PM
Kerala pregnant elephant die
By Ragini keer in Poetry | Reads: 213 | Likes: 1
हेवानियत की हद फिर इन्सान ने दिखा दी , खुन्खार जानवर नहीं खुन्खार हम इन्सान हैं ये बता दी। अच्छा ही था जो घर में कैद ब  Read More...
Published on Jun 4,2020 04:42 PM
Mann ki baat
By Swati varma in Poetry | Reads: 245 | Likes: 2
समझ नहीं आता ये मन क्या चाहता है,मनमौजी इक पल में, दूजे पल ऊब जाता है.कभी उछल कर चले  Read More...
Published on Jun 4,2020 09:33 PM
Baarish ki masti
By P. Sharma in Poetry | Reads: 190 | Likes: 1
बारिश की मस्ती, कभी न ही खस्ति, बूंदों की टिप टिप, हर दिल में है बस्ती।। मिट्टी की खुश्बू, सबको है भाती, वो कागज़ की कश्  Read More...
Published on Jun 4,2020 10:07 PM
शायर होना भी कहां आसान है
By ANKITA JOSHI (Feelbythoughts18) in Poetry | Reads: 203 | Likes: 1
शायर होना भी कहां आसान है, कि मिसरा बनता नहीं , मकते में उलझ जाता हूं, कभी मेरे ख्यालों में तू,  तो कभी तुझमें " मैं" सम  Read More...
Published on Jun 5,2020 02:14 AM
गाँव की दास्तां
By ramashery in General Literary | Reads: 228 | Likes: 0
शिक्षा विकास की जननी है शिक्षा के अभाव में विकास की कल्पना करना गलत ही नहीं स्वयं के साथ धोखा है गाँव के हर व्यक्त  Read More...
Published on Jun 5,2020 08:49 AM
Letters to Daughter - 1 ( जादूगर )
By Shandy in Poetry | Reads: 268 | Likes: 0
जादूगरपास वाले गांव में मेला जब भी आता था जादूगर का खेल  सबको बड़ा लुभाता था हैरत थी  हस  Read More...
Published on Jun 5,2020 09:36 AM
वो पहले जैसा प्यार अब कहां 
By Rohit Arya in Poetry | Reads: 199 | Likes: 1
वो पहले जैसा प्यार अब कहां वो तुझे देखने के लिए तेरी गली में आना और अपनी गाड़ी के हॉर्न को पूरे 3 बार बजाना।। तेरे बाह  Read More...
Published on Jun 5,2020 10:51 AM
डिजिटल जमाने का डिजिटल गुस्सा
By Rohit Arya in Poetry | Reads: 202 | Likes: 1
हाय रे तेरी डिजिटल नाराजगी मेरे ऑनलाइन आते ही तेरा ऑफलाइन चले जाना , और नोटिफिकेशन में मैसेज देख के मन ही मन मुस्कान  Read More...
Published on Jun 5,2020 11:10 AM
People
By vidhi tomar in Poetry | Reads: 427 | Likes: 0
जब पर्दा हटा तो नजर आया दरवाजे खुले देख भी मै वापिस लोट आया   यहां लोग अच्छाई छोड़ बुराई को गिनते हैं यह हिसाब मुझे   Read More...
Published on Jun 5,2020 01:35 PM
MAA
By Afreen sayyed in Poetry | Reads: 248 | Likes: 1
Ek Dill h  Ek jaan h  MAA tujh par qurbaan h  Ankhein khulte hi pass tujhe chahu Tere muskurate chahere se apne Din ka Agaaz chahu  MAA is jhutti duniya me tu hi to ek sacchai h  Mere Dill ki tu rehnumai h  Mere khamoshi ko tu pehchaney  Meri jhutti muskurahut ko t  Read More...
Published on Jun 5,2020 04:54 PM