फिलहाल ठीक हूँ मैं
जो भी मुझे जानते हैं और मुझे प्यार करते हैं, वो मेरी पिछली दो किताबों से मेरी कविताओं से बेहद दुखी हैं। अधूरी बातें और कच्ची कवितायेँ मैंने उस समय लिखीं जब म
श्री राम चरित्र को साधारण भाषा में समझने का प्रयास है ये एक कच्ची कविता। कच्ची इसलिए जिससे कि इसको लगातार सुधारा जा सके और आसान बनाया जा सके। इस कच्ची कविता से में यदि किसी भी एक व
"में कोई कवी या लेखक नहीं हूँ ,
ऐसा भी नहीं कि बहुत कुछ जानता ही हूँ,
बस जो दिल में आता है कह देता हूँ ,
जो कह नहीं पाता लिख देता हूँ,
बड़े कवी की कविताएँ बड़ी होती हैं ,
जो लि
"कुछ बातें अधूरी रह जाती हैं, कुछ कह दी जाती हैं। ये किताब अधूरी बातें कहती है, इस उम्मीद मैं कि ये शब्द उन तक पहुँच सके।" - राहुल श्रीवास्तव
"कुछ बातें अधूरी रह जाती हैं, कुछ कह दी जाती हैं। ये किताब अधूरी बातें कहती है, इस उम्मीद में की ये शब्द उन तक पहुंच सकें।" - राहुल श्रीवास्तव
आज पुरे 8 साल हो गए हैं ,तुमसे मिले हुए .लेकिन आज भी इन कानों में तुम्हारी आवाज़ गूंजती है . ये नजरें आज भी तुम्हे ढूंढती Read More...
एक मास्टर जी बच्चों को पढ़ा रहे थे और बीच बीच में उन पर रौब भी जताते जाते थे , "तुम जैसे गधों को ठीक करना आता है मुझे , मेन Read More...