किराये का भूत - यह कहानी एक ऐसी कहानी हे जहा मकान मालिक अपने मकान को किराये पर देने के बाद किराया न मिल पाने से परेशान हो कर उस मकान को वापस खाली करवाने के लिए संघर्ष करता हे मकान खा
वैसे कहा तो यह जाता हे की किसी स्त्री के मन में चल रहे भावो को पहचान पाना स्वयं भगवान के बस में भी नहीं परतुं जब आपके पास कलम की ताकत हो तो आप उस स्त्री मन में चल रहे भावो की कल्पना कर