जब ध्रुव का बिछड़ा दोस्त महेश उससे मिलने आता है तो उसे क्या मालूम था कि उसके साथ कुछ ऐसा घटेगा जिसकी कल्पना वह इस जन्म में तो क्या किसी जन्म में भी नहीं कर सकता था। वह अपने को एक ऐसे
कब तक रहें कुँवारे ऐसे युवक-युवतियों की कहानी है जिनकी किसी कारणवश यथासमय शादी नहीं हो पाती है। एकाकी जीवन बिताने के लिए बाध्य ऐसे युवक ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं इसलिए ब्रह्म
कब तक रहें कुँवारे ऐसे युवक-युवतियों की कहानी है जिनकी किसी कारणवश यथासमय शादी नहीं हो पाती है। एकाकी जीवन बिताने के लिए बाध्य ऐसे युवक ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं इसलिए ब्रह्म
मानव विश्वमित्र एक ढीला-सा, ढाला-सा व्यक्ति है। बुद्धि शायद है पर इस्तमोल करने का कष्ट अब कौन उठाये। वैसे ही वह अपने मित्रों से बहुत परेशान है, ऊपर से रघुवर नाथ और उसकी रूपगर्वि
अशोक अवंती में ही रम गया था। यौवन की देहली थी और महादेवी का सान्निध्य। पर मौर्य साम्राज्य को सिंहासन का उत्तराधिकारी चाहिए था। महादेवी ने अनिच्छुक अशोक को पाटलीपुत्र जाने के लि
नाटककार मथुरा कलौनी की कलम से जीवन की भिन्न दशाओं एवं परिस्थितियों में फँसे मनुष्यों पर चार सशक्त लघु नाटकों का कोलाज है दशा।
लंगड़ - श्रीलाल शुक्ल के कालजयी उपन्यास रागदरबा
सींग कटा कर नाटक मंडली के बछड़ों में शामिल हुए थे परमानंद काका, पर ऐन मौके पर बीमार पड़ गये और आवाज तक बैठ गयी। ऐसे में रुकुमा का प्रवेश होता है। रुकुमा का कहॉं तो एकदम व्यवस्थित
यह हास्य और रोमांच के दो लघु उपन्यासों का संकलन है। चंद्रभवन तृप्तिभवन दो मित्रों की आपस में गुत्थमगुत्था उलझी हुई प्रेम कहानियों की हास्य रस से भरपूर दास्तान है। केशव और दीपा
एक शाम प्रेमचंद के नाम, प्रेमचंद के जीवन की दिशा निर्धारित करने वाली घटनाओं और उनकी कुछ कालजयी कहानियों का नाट्यरूपांतरण है। इसमें कुछ नये प्रयोग किये गये हैं। कहानियों
Dhature Ke Beej is a story of a young girl who dared to escape her circumstances, and became an eternal traveler. In one of her journeys, she meets a very unhappy woman for who leads a depressing life. They share their experiences with each other, which gives us a glimpse of the unfathomable depths of human degradation.
Basanti’s father-in-law, Shankar, is a crude, evil and wealthy man. He deals in Dhatura trade and mints money. He develops a false sen
जब ध्रुव का बिछड़ा दोस्त महेश उससे मिलने आता है तो उसे क्या मालूम था कि उसके साथ कुछ ऐसा घटेगा जिसकी कल्पना वह इस जन्म में तो क्या किसी जन्म में भी नहीं कर सकता था। वह अपने को एक ऐसे