नर्मदा भारत के हृदयस्थल अमरकण्टक से निकलकर मध्यभारत की दो पर्वत ऋंखला विंध्य-सतपुड़ा मेखला के बीच निर्मल-निर्झर कल-कल बहती प्रदूषण मुक्त रेवांचाल, महाकौशल, बुंदेलखंड, मालवा, नि
यह पुस्तक रिश्तों की दैहिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं की विश्लेषणात्मक व्याख्या आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करती है।
जिस प्रकार एक पौधे के जीवन के लिए माक़ूल-ज़मीन, ख
This book is a treatise on those Hundred years (1757_1857) of struggle which bear testimony to the acts/stories of heroism , diplomacy, deception, treason, treaties, romanticism, and thrilling gallantry of Moguls, Marathas, Sikhs, Britishers, and innumerable Indians. This book is novel-like treatment of history devoid of its onerous and brooding connection with periods, dates. History of those Hundred Years is scattered and convoluted in numerous books and o