হিন্দি

People
By vidhi tomar in Poetry | পড়ার জন্য : 77 | পছন্দ: 0
जब पर्दा हटा तो नजर आया दरवाजे खुले देख भी मै वापिस लोट आया   यहां लोग अच्छाई छोड़ बुराई को गिनते हैं यह हिसाब मुझे   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 5,2020 01:35 PM
MAA
By Afreen sayyed in Poetry | পড়ার জন্য : 91 | পছন্দ: 1
Ek Dill h  Ek jaan h  MAA tujh par qurbaan h  Ankhein khulte hi pass tujhe chahu Tere muskurate chahere se apne Din ka Agaaz chahu  MAA is jhutti duniya me tu hi to ek sacchai h  Mere Dill ki tu rehnumai h  Mere khamoshi ko tu pehchaney  Meri jhutti muskurahut ko t  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 5,2020 04:54 PM
Agar man le dil to behtar hoga!!❤️
By Sejal Pasari in Poetry | পড়ার জন্য : 104 | পছন্দ: 0
Kuch ankahi bate dobara na hoTo behtar hoga... Use dilo mai dabaye rakhna hi behtar hoga!!!Kuch pal jo bitaye they bina kuch soche...Use yado mai rakhna hi behtar hoga!!!Vo lamhe jo vapis nahi aa sakte...Uske ane ki ummed na rakhna hi behtar hoga!!Kisi ki chahat rakhna...Par use pane ki talap n  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 5,2020 11:25 PM
उड़ने दो ना
By Divya Ramrakhyani in Poetry | পড়ার জন্য : 99 | পছন্দ: 1
नन्हीं सी हूं मैं उड़ने दो ना एक बार ही सही  कोशिश करने दो ना नए नए पंख है ना  एक उड़ान भरने दो ना एक बार ही सिर्फ एक   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 12:12 AM
Ghr❤️
By Arjun Khurana in Poetry | পড়ার জন্য : 109 | পছন্দ: 0
Dard m b tune mujhe hasaya h... Hasta dekh tujhe mera rota dil b muskuraya h... Mere Chehre ki hasi ka karan h tu.. Mere Chehre ki hasi  ka karan h tu.. Yeh karan mujhe zindagi bhr paana h Tere sath mujhe ek chota sa ghr bsana h... Tere sath mujhe ek chota sa ghr basana h.. Ha tere Har kaam m m  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 06:21 AM
Kashmakash
By Writer in Poetry | পড়ার জন্য : 86 | পছন্দ: 0
Chah kar bhi nahi likhti tumko simple sa  'hey',  Darti hoon apne hi diye dard pe namak na laga du kahi,  Roz nahi par ha yaad to aaj bhi karti hoon tumhari kuch baaton ko, 'Nostalgia' ka asli matlab ab samajh aa gaya,  Phone se delete nahi kar payi hoon tumhare 'photographs' abh  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 09:46 AM
कुछ दिन ऐसे भी...
By sonal jain in Poetry | পড়ার জন্য : 94 | পছন্দ: 0
कुछ दिन ऐसे भी  जब यह नहीं सोचना की सुबह हुई कब जब कोई नहीं पूछता कि घर आओगे कब कभी&nb  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 09:59 AM
Subah tak
By SQ in Poetry | পড়ার জন্য : 95 | পছন্দ: 0
Subah tak  Sookh jayenge  Tere aansu Tu takiye ko  Aamza ke toh dekh Kitne hai  Tere jaise Tu nazar  Ghumak kar To dekh  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 12:17 PM
Nanha parinda
By sonam kushwaha in Poetry | পড়ার জন্য : 93 | পছন্দ: 1
Ek nanha parina udne ko aasma mangta he Na ho koi bndish ke khule pankho se arsh ko napna chahta he Bharosa nhi unhe in saakho par, khud ke dam pr in havao ko jhukana chahta he Use khwaish nhi kisi pinjre ki, wo to is neele ambar ko ghar bnana chahta he  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 01:21 PM
Great Notion
By Anil Anup in True Story | পড়ার জন্য : 103 | পছন্দ: 1
नोशन प्रेस के संपर्क में मैं पिछले दो सालों से हूं। अपनी एक किताब के प्रकाशन के लिए मैंने न जाने कितने प्रकाशकों के   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 01:50 PM
Yug badle pr soch nhi
By Poonam Rawat in Poetry | পড়ার জন্য : 87 | পছন্দ: 0
नववर्ष के आरंभ संग, सजाये नए सपनों के रंग,  साहस जुटाए आगे बढ़ने का निश्चय,   एकाएक पड़ गया, चलती जिंदगी में भंग,&nbs  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 02:17 PM
Corona
By Poonam Rawat in Poetry | পড়ার জন্য : 81 | পছন্দ: 0
नववर्ष के आरंभ संग, सजाये नए सपनों के रंग,  साहस जुटाए आगे बढ़ने का निश्चय,   एकाएक पड़ गया, चलती जिंदगी में भंग,&nbs  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 02:18 PM
अनकही कहानी
By unnati in Poetry | পড়ার জন্য : 96 | পছন্দ: 0
सब कुछ है फिर क्यों लगे कुछ कमी सी है..  सब कुछ कह दिया है फिर क्यों लगे दिल की बात अधूरी सी है.. सब कुछ कर दिया लफ़्ज़ों स  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 02:18 PM
इंसानो पे विश्वास कि सज़ा
By Devesh in Poetry | পড়ার জন্য : 98 | পছন্দ: 1
उस भूखे को तुमने मौत परोस दी  वो भी किसी कि माँ थी  क्या कसूर बस उसका इतना था  कि खाने कि आश ले  इंसानों पे विश्व  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 03:11 PM
कभी इसे कभी उसे
By aryan in Poetry | পড়ার জন্য : 93 | পছন্দ: 1
क्या बोलूं इस दिल के बारे में, एक पर टिकता ही नही। हर रोज़ राह बदलता है, कभी उसे चाहता है कभी नही। कभी उसे रुलाता कभी नह  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 6,2020 03:50 PM