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alone dreams / अकेले सपने परवाज़

Author Name: Sumeet Kumar | Format: Paperback | Genre : Young Adult Fiction | Other Details

अकेले सपने  केवल एक किताब नहीं, बल्कि अकेलेपन में जन्म लेने वाले विचारों और संघर्षों की एक यात्रा है।

यह उस व्यक्ति की कहानी है जो भीड़ में रहकर भी अपने भीतर खुद को खोजता है और हर गिरावट के बाद फिर से उठने की हिम्मत रखता है।यह पुस्तक अकेलापन, उम्मीद, दर्द, प्रेम, अनुशासन और आत्मविश्वास जैसे भावों को गहराई से दर्शाती है। हर अध्याय एक आंतरिक संघर्ष को दिखाता है, जहाँ मन सवाल करता है, दिल टूटता है, और आत्मा फिर से खड़े होने की सीख लेती है।अकेले सपने उन लोगों के लिए है जो चुपचाप लड़ रहे हैं, जो अपने भीतर बहुत कुछ सहते हैं, लेकिन अपने सपनों को कभी छोड़ते नहीं। यह याद दिलाती है कि अकेलापन कमजोरी नहीं, बल्कि वही जगह है जहाँ सबसे मजबूत सपने जन्म लेते हैं।

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सुमीत कुमार

सुमीत कुमार एक ऐसे लेखक हैं जिनका जीवन प्रेम, संघर्ष और आत्म-विश्वास की कहानी कहता है। उन्होंने जीवन में कई बार ठोकरें खाईं, लेकिन हर बार और भी मजबूत होकर आगे बढ़े। उनके अनुभवों की यही गहराई उनके लेखन को एक अलग ही आत्मीयता प्रदान करती है।लेखन के साथ-साथ सुमीत को संगीत से भी गहरा लगाव है। वे एक बेहतरीन गायक हैं - जिनके सुर और शब्द दोनों ही दिल की गहराइयों से निकलते हैं। उनके गीतों और कहानियों में जीवन की सच्चाइयों की प्रतिध्वनि सुनाई देती है।सुमीत "नए युग के लेखक" माने जाते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने लेखन की शुरुआत बहुत कम उम्र में, स्कूल के दिनों में ही कर दी थी। उनकी रचनाएँ आधुनिक सोच और भावनाओं का सुंदर संगम हैं - जो युवाओं को प्रेरित करती हैं और पाठकों के हृदय में गहरी छाप छोड़ती हैं।उनकी लेखनी में प्रेम की कोमलता, जीवन की वास्तविकता और आत्म-प्रेरणा का अद्भुत मिश्रण दिखाई देता है। सुमीत कुमार केवल एक लेखक नहीं, बल्कि वह आवाज़ हैं जो हर उस दिल से जुड़ती है जिसने कभी प्रेम किया, खोया और फिर से खुद को पाया।

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