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Ankahi / अनकही

Author Name: Bodhisatwa Maharana | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

"अनकही" ये एक कविता संग्रह है। किसी ना किसी की इन कविताओं में कहानी छुपी है। हर कविता में किस्सा छुपा हैं, कई राज है और कुछ अधूरी बातें है। कहानी में खुद को ढूंढने की कोशिश करो और कविताओं के साथ खुद को जोड़ लो। 
 
सभी कविताओं में कुछ "#tag" दिए गए हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर  के इस ज़माने में ये "hashtag" जरुरी हो गए हैं। तो ज़माने के साथ ताल मिलाकर यह किताब प्रस्तुत की गयी है। आशा करते है की, ये है नया प्रयास आप सभी पाठकों को पसंद आये

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बोधिसत्व महारणा

बोधिसत्व महारणा ओडिशा के निवासी है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अपनी स्नात्तोक समाप्त किये हुए है। साहित्य के साथ लगाव बहुत पहले से ही है। साहित्य जगत में काफी जुड़े रहते है। ओडिशा में ओड़िआ भाषा के लिए संगठन बनाया है जो ओडिशा के हर एक बर्ग को अपनी बात रखने का मौका देता है। यह किताब उनकी पहली किताब है, इस से पहले वो अपना लेख कई संकलन और पत्रिकाओं में  भी दे चुके है।

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