सुश्री नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ एक सिद्धहस्त रचनाकार हैं। इन्हें बाल-मन की अच्छी परख है। बड़ों के लिए लिखी गई कहानियों की भांति ही इनकी बाल कहानियाँ भी बहुत सार्थक एवं उद्देश्य परक होती हैं। प्रकाशन प्रक्रिया के दौरान इनके बाल कहानी संग्रह- ‘‘चीकू-मीकू का उपहार’’ की कहानियों को पढ़ने के बाद ऐसा ही अहसास हुआ।
बाल कहानी संग्रह- ‘‘चीकू-मीकू का उपहार’’ में नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ की 10 बाल कहानियाँ संग्रहीत हैं।
‘दोस्ती का रहस्य’ कहानी मित्रता का सही अर्थ समझाने वाली कहानी है तो ‘गुलकंद’ ढौंगी बाबाओं की पोल खोलने वाली। ‘होली के बहाने’ कहानी बुरे कार्य का परिणाम हमेशा बुरा ही होता है की सीख देती है तो ‘चीकू-मीकू का उपहार’ विद्यादान को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध करती कहानी है। ‘वादा’ कहानी जीवन-संघर्षों से न घबराकर उनसे संघर्ष करने की और आत्मविश्वास को बढ़ाकर सफल होने का मंत्र प्रदान करती है। ‘कूड़ेघर का राज’ कहानी विपत्ति में धैर्य न खोने की और साहस की सीख देती कहानी है।
‘काल कोठरी’ विद्यालयों में प्रवेश के बाद चलने वाली रैगिंग के दुष्परिणामों से अवगत करा रही है वहीं ‘बदल गई तान्या’ यह सीख देने में सफल रही है कि किसी का आकलन उसकी निर्धनता या ऊँच-नीच के आधार पर न करके उसके गुणों के आधार पर किया जाना ही उपयुक्त होता है।
कुल मिलाकर संकलन की सभी कहानियाँ हमारे परिवेश की कहानियाँ हैं। ये अति सहज कथोपकथन के साथ सरल भाषा में लिखी उद्देश्य परक रचनाएँ हैं ।
- डॉ. दिनेश पाठक ‘शशि’
Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners
Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners