You cannot edit this Postr after publishing. Are you sure you want to Publish?
Experience reading like never before
Read in your favourite format - print, digital or both. The choice is yours.
Track the shipping status of your print orders.
Discuss with other readersSign in to continue reading.

"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Pal“Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquillity". ~ William Wordsworth.
हमारी दिल की गहरी अनुभूतियों को प्रकट करते में जब गद्य गूँगा हो जाता है, वहाँ कविता जन्म लेती है .
काव्य संग्रह“घुप्प अँधेरे” जीवन में बदलते रिश्तों से दिल के घुप्प अंधेरों में खो गए मनोभावों का अन्वेषण करता है, प्रेम से सहलाता है और संघर्ष करके सत्य स्थापित करता है.
ये काव्य संग्रह आधुनिक कविता, ग़ज़ल, हाइकू, हास्य व्यंग्य, राष्ट्र प्रेम और क्षणिकाओं के पुष्पों से गुंथा एक मनोरम हार है.
प्रेम का स्वरुप स्थापित करती ये पंक्तियाँ-
मुझे ग़म नहीं, तू रूठ कर चला गया
ज़हन में मेरे डर है, तू कहीं टूट न जाये
कविता “भारत वंदना” ईश्वर से विनय करती है –
भारतजन यशस्वी हों, विशुद्ध ज्ञान का हो प्रकाश
दिव्य दृष्टि राजा की हो, हो शत्रु दृष्टि का सर्वनाश
सुधी पाठक अगर ये महसूस करें कि काव्य संग्रह “घुप्प अँधेरे” का संघर्ष उनका अपना संघर्ष है तो हम समझेंगे की कविता अपने प्रियतम तक पहुंच गयी है.
It looks like you’ve already submitted a review for this book.
Write your review for this book (optional)
Review Deleted
Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.आरती शर्मा , डॉ. अजय कुमार शर्मा
“घुप्प अँधेरे” की रचयिता आरती शर्मा एक उभरती कवयित्री हैं. अभी तक इनके हिंदी मेंदो कविता संग्रह (काँच के पत्थर, अधूरा शब्द) प्रकाशित हुए हैं, जिन्हें सुधी श्रोताओं नें बहुत सराहा है. “घुप्प अँधेरे” इनका तीसरा काव्य संग्रह है.
डॉ अजय कुमार शर्मा काव्य जगत एवं कवि सम्मेलनों के उभरते हुए हस्ताक्षर हैं. इनकी कवितायेँ कादम्बिनी, राजभाषा ज्योति, हिमभाषा मेंअनेक बार प्रकाशित हुई हैं. कविता लेखन के अतिरिक्त गद्य लेखन, लघु फिल्मों का निर्माण, लघु फिल्म हेतु स्क्रिप्ट व गीत लेखन के कार्य में व्यस्त हैं.इनके पाँच कविता संग्रह हिंदी में (धुंध में रास्ता, तुम नहीं आये, पत्थर बोल उठे, 21 हिंदी हाईकाई, आदम और ईव) और दो कविता संग्रह (Gone With Smile, Echoes) अंग्रेजी में प्रकाशित हो चुके हैं. “घुप्प अँधेरे” इनका आठवाँ काव्य संग्रह है.
India
Malaysia
Singapore
UAE
The items in your Cart will be deleted, click ok to proceed.